चिठ्ठी

कोर्ट में पति पत्नी के बीच बहस चल रही थी और बहस का मुद्दा था की तलाक होने की स्थिति में बच्चा किसके पास रहेगा ….?

पत्नी ने जोर देकर कहा: “😳Your Honour
इस बच्चे को इतनी तकलीफ और मेहनत करने के बाद और इतनी कठिनाई सहने के बाद मैं दुनिया में लेकर आई हूं इसलिए बच्चा मुझे ही मिलना चाहिए 😤

जज ने पति की ओर देखते हुए पूछा तुम्हें इस बारे में या अपने डिफेंस में क्या कहना है😊

“😒 लगभग टूटते हुए पति नीचे बैठ गया और कुछ सोचने के बाद कहा

“😔Your Honour. अगर मैं एक vending मशीन के अंदर सिक्का डालता हूं और उस मशीन में से एक पेप्सी का केन निकलता है तो वह किसका होगा?”

यह तर्क सुनकर पत्नी भी
सकपका गई लेकिन फिर खुद को संभाल कर उसने जज से कहा
“😠Judge Sahab… बर्तन मेरा और दूध भी मेरा लेकिन उस दूध में दो बूंद दही डालने से यदि दही जमती है तो क्या वह दही उस दो बूंद वाले की हो जाएगी…?

किस्मत से पत्नी के इस तर्क पर पति के दिमाग में भी एक तर्क आ गया : “😯
जनाब टाइपराइटर में कागज मैंने डाला और फिर उसके बटन दबा दबा कर मेहनत मैंने की। तो फिर आप ही बताएं मिलार्ड कि वह चिट्ठी किसकी होगी टाइपराइटर की या मेरी ?

अब तक लगभग पागल हो चुके जज ने बौखला कर पति से कहा :

साले अपनी चिट्ठी हाथ में लिख लेता तो यह नौबत ही ना आती
😅😝😝

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